'ही-मैन' धर्मेंद्र जी का निधन
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| Image Credit: @aapkadharam (Instagram) |
धरती से आसमान तक, एक चमकता सितारा हमसे दूर चला गया...
24 नवंबर 2025, का दिन भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में अंकित हो गया है। ये एक ऐसी खबर है जिसने पूरे देश को चौंका दिया है, हमारे प्यारे, दिलों पर राज करने वाले, 'ही-मैन' धर्मेंद्र सिंह देओल अब हमारे बीच नहीं रहे।
यह सिर्फ एक अभिनेता का जाना नहीं है; यह एक युग का अंत है। यह उन यादों का समाप्त होना है, जिन्होंने अपनी मर्दानगी, सादगी और दिलकश मुस्कान से लाखों दिलों को छुआ। यह उस 'वीरू' का चुपके से चले जाना है, जिसे हर भारतीय ने अपने परिवार का सदस्य माना। आज हर सिनेप्रेमी का दिल दुखी है, क्योंकि हमने सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि अपने जीवन का एक अनमोल हीरा खो दिया है।
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अभिनेता धर्मेंद्र जी का दुखद अंत कब, कहाँ और कैसे हुआ?
धर्मेंद्र जी, जो 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के नसराली गाँव में जन्मे, 89 वर्ष की आयु में इस दुनिया से विदा हुए। पिछले कुछ समय से वह अस्वस्थ चल रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें सांस संबंधी समस्याओं के चलते 10 नवंबर 2025 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 12 नवंबर को उन्हें छुट्टी मिल गई थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
24 नवंबर 2025, सोमवार का वह मनहूस दिन, जब दोपहर में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन का कारण बीमारी से जुड़ी जटिलताएँ बताई गई हैं। मुंबई के विले पार्ले श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ, जहाँ फिल्म जगत और राजनीति के कई दिग्गजों ने नम आँखों से उन्हें विदाई दी।
जब यह खबर फैली, तो हर कोई अविश्वास और गहरे सदमे में डूब गया। सोशल मीडिया से लेकर हर घर में सिर्फ एक बात गूंज रही थी: "धर्मेंद्र जी अब नहीं रहे।" इसे स्वीकार करना बहुत कठिन है, क्योंकि कुछ लोगों के जाने से एक खालीपन बन जाता है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।
अभिनेता धर्मेंद्र जी के जवानी के किस्से: "गरम-धरम" का जादुई सफर
धर्मेंद्र जी का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। पंजाब के एक छोटे से गाँव से निकलकर, 19 साल की उम्र में शादी के बाद रेलवे में क्लर्क की 15 रुपये की नौकरी छोड़कर, उन्होंने मायानगरी मुंबई का रुख किया। एक गाँव का भोला-भाला लड़का, जिसके पास सिर्फ सपने थे, वह एक दिन हिंदी सिनेमा का सबसे चहेता सितारा बन गया।
अभिनेता धर्मेंद्र जी के संघर्ष और सफलता की कहानी
कहते हैं कि धर्मेंद्र जी बचपन में मीलों पैदल चलकर सिनेमा हॉल में सुरैया की फिल्में देखने जाते थे। 1958 में फिल्मफेयर टैलेंट कॉन्टेस्ट जीतकर 1960 में फिल्म 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' से अपने करियर की शुरुआत की।
उनकी जवानी के किस्से बॉलीवुड की सुनहरी यादें हैं। शुरुआती दौर में वह अपने अभिनय से ज़्यादा अपनी सादगी और आकर्षक रूप के लिए जाने जाते थे। महान अभिनेता दिलीप कुमार ने उनकी खूबसूरती को देखकर कहा था, "काश, मैं तुम्हारे जैसा हैंडसम होता।"
रोमांटिक हीरो: 60 के दशक में 'बंदिनी', 'हकीकत', 'फूल और पत्थर' जैसी फिल्मों में उन्होंने रोमांटिक और गंभीर किरदार निभाए। उनकी आँखें बोलती थीं और उनका शर्मीला अंदाज़ लाखों लड़कियों को दीवाना बना देता था।
अभिनेता धर्मेंद्र जी एक्शन अवतार: 'ही-मैन' का जन्म
70 के दशक में उनकी पहचान 'ही-मैन' के रूप में बनी। 'शोले' के 'वीरू', 'यादों की बारात' के शंकर, 'धरम वीर' के धरम—हर रोल में उनका मर्दाना और मासूमियत का अद्भुत मेल नजर आया। वह स्टंट खुद ही करने के लिए मशहूर थे। 'गरम-धरम' का यह टैग उनकी ऑन-स्क्रीन ऊर्जा और गुस्सैल भूमिकाओं के लिए मिला, जिसने उन्हें एक्शन किंग बना दिया।
कॉमेडी का बादशाह: 'चुपके चुपके' में परिमल त्रिपाठी बनकर या 'शोले' में शराबी वीरू बनकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह केवल एक्शन में ही नहीं, बल्कि कॉमेडी में भी माहिर हैं। उनका हास्य दर्शकों को लोटपोट कर देता था।
अभिनेता धर्मेंद्र का व्यक्तिगत जीवन ओर सादगी
फिल्मों के बाहर, धर्मेंद्र जी की जीवनशैली में हमेशा एक देहाती सादगी रही। उन्हें अपनी जड़ों से प्यार था। फार्महाउस पर खेती करना और कविताओं से प्रेम करना—वह एक ऐसे सुपरस्टार थे जो दिल से गाँव के सीधे-साधे इंसान थे। उनकी इसी भोलेपन और ज़मीन से जुड़े रहने का अंदाज़ उन्हें एक आम आदमी का सुपरस्टार बना दिया। दो शादियाँ (प्रकाश कौर और हेमा मालिनी) और उनके बेटों सनी देओल और बॉबी देओल का फिल्मों में आना—उनका पारिवारिक जीवन भी हमेशा चर्चा में रहा, लेकिन उनकी ईमानदारी और खुले दिल ने हर रिश्ते को संभाला।
अभिनेता धर्मेंद्र जी की एक अच्छी बात जो उन्हें अमर रखेगी
धर्मेंद्र जी के बारे में कई अध्भुत बातें हैं, पर जो बात उन्हें हमेशा अमर बनाएगी, वह है उनका सत्यकाम वाला व्यक्तित्व।
1969 में आई उनकी फिल्म 'सत्यकाम' उनके लिए एक खास फिल्म थी, जिसे उन्होंने अपनी पसंदीदा बताया। इस फिल्म में उन्होंने उस व्यक्ति का किरदार निभाया जो जीवन में सत्य और ईमानदारी को सबसे ऊपर रखता है, चाहे उसे कोई भी कीमत चुकानी पड़े। उनका वास्तविक जीवन भी इसी तरह का था।
वह दिल के बहुत साफ और उदार थे। बॉलीवुड में उनके कई किस्से मशहूर हैं, जहाँ उन्होंने चुपचाप संघर्षरत कलाकारों और तकनीशियनों की मदद की। उन्हें कभी दिखावा पसंद नहीं था। उनके चेहरे पर दिखने वाली मासूमियत, उनकी आवाज़ की गर्माहट और आँखों की चमक उनकी भीतरी सादगी और ईमानदार आत्मा का प्रतीक थी। एक सुपरस्टार होने के बावजूद, वह हमेशा एक आम आदमी बने रहे। यही उनकी सबसे अच्छी और सबसे यादगार बात थी।
हमारी तरफ से शोक व्यक्त
जब यह खबर हमारे कानों तक पहुँची, तो दिल टूट गया। यह केवल भारतीय सिनेमा के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसने सिनेमा के सुनहरे दौर को जिया है।
इस खबर के जरिए, हम दीगर अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं।
धर्मेंद्र जी! आप हमारे लिए केवल एक अभिनेता नहीं थे, आप हमारे परिवार का हिस्सा थे। 'शोले' देखकर आपको दोस्त मान लिया, 'सत्यकाम' देखकर आपकी सादगी को पूजा, और आपके एक्शन अवतार में शक्ति देखी। आपके जाने से हिंदी सिनेमा के आसमान का एक सबसे चमकदार सितारा टूट गया है। ऐसा लगता है जैसे पंजाब के उस प्यारे, मिट्टी से जुड़े बेटे ने अपने करोड़ों प्रशंसकों को अकेला छोड़ दिया है।
आप हमेशा हमारे दिलों में ही-मैन बनकर, वीरू बनकर, धरम बनकर अमर रहेंगे। आपकी फिल्में, आपकी मुस्कान, आपकी आवाज़ और आपकी सादगी ये सब हमारी यादों में हमेशा ज़िंदा रहेगा।
इस दुख की घड़ी में हम देओल परिवार और उनके करोड़ों प्रशंसकों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की ताकत दे।
विनम्र श्रद्धांजलि! एक महान आत्मा को हमारा अंतिम सलाम।
अभिनेता धर्मेंद्र के निधन जुड़े कुछ सवाल (FAQ)
1. धर्मेंद्र जी का निधन कब हुआ?
Ans. धर्मेंद्र जी का निधन 24 नवंबर 2025 को दोपहर में हुआ। उनकी उम्र 89 वर्ष थी।
2. धर्मेंद्र जी की मौत का कारण क्या बताया गया है?
Ans. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें सांस और सेहत संबंधी जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद तबीयत बिगड़ने से उनका निधन हुआ।
3. धर्मेंद्र जी का अंतिम संस्कार कहाँ हुआ?
Ans. उनका अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले श्मशान घाट में हुआ, जहाँ फिल्म जगत और राजनीति के कई दिग्गज मौजूद थे।
4. क्या धर्मेंद्र जी हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे?
Ans. हाँ, उन्हें 10 नवंबर 2025 को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 12 नवंबर को छुट्टी दी गई थी।
5. धर्मेंद्र जी को ही-मैन क्यों कहा जाता था?
Ans. उनकी एक्शन फिल्मों, दमदार व्यक्तित्व और स्टंट खुद करने की आदत के कारण उन्हें बॉलीवुड का 'ही-मैन' कहा जाता था।
