शादाब जकाती पर फिर विवाद: मां-बेटी वीडियो के बाद अब डॉक्टरों का गुस्सा",एक बार फिर मुश्किल में शादाब जकाती यहां से देखे...

शादाब जकाती instagram

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Image Credit: Instagram / @shadabjakati1

डिजिटल युग में, सोशल मीडिया ने किस्मत बदलने का एक अनोखा मंच दिया है। इसी मंच के जरिए कई चेहरे फर्श से अर्श तक पहुंचे, और उनमें से एक नाम है शादाब जकाती। अपनी देसी कॉमेडी, सरल भाषा और मजेदार डायलॉग डिलीवरी के जरिए मेरठ के शादाब ने लाखों फॉलोअर्स के बीच खास पहचान बनाई। लेकिन हालिया दिनों में, उनकी इसी लोकप्रियता विवादों के केंद्र में आ गई है, जिसने उनके करियर और कंटेंट क्रिएशन की नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सऊदी अरब में कामगार से लेकर भारत के उस सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर बनने तक का शादाब का सफर प्रेरणादायक तो है, लेकिन इसमें विवादों की कमी भी नहीं। '10 रुपये का बिस्किट कितने का है जी' डायलॉग से घर-घर में पहचाने जाने वाले शादाब, हाल ही में एक नाबालिग बच्ची के साथ बनाए गए 'अशोभनीय' वीडियो और उसके बाद डॉक्टरों के समुदाय को लेकर एक नए वीडियो के कारण सुर्खियों में हैं।

इस न्यूज में हम शादाब जकाती के हालिया विवादों, कानूनी मामलों और सोशल मीडिया कंटेंट की गिरती नैतिकता पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

शादाब जकाती: टिकटॉक से लेकर लाखों दिलों तक का सफर

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के इंचौली गाँव के रहने वाले शादाब जकाती का शुरुआती जीवन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। एक समय वह सऊदी अरब में काम करते थे। अपनी कॉमेडी की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्होंने पहले टिकटॉक पर वीडियो बनाना शुरू किया। उनका देसी अंदाज, गांव की बोली और सही कॉमेडी टाइमिंग ने दर्शकों को आकर्षित किया।

भारत में टिकटॉक बैन होने के बाद, शादाब ने अपनी प्रतिभा को इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित किया। उनकी रील्स तेजी से वायरल हुईं और उन्हें लाखों फॉलोर्स मिल गए। उनकी लोकप्रियता का संकेत इस बात से मिलता है कि क्रिकेटर रिंकू सिंह और कुलदीप यादव जैसे बड़े खिलाड़ियों ने भी उनके ट्रेंड का अनुसरण करते हुए रील्स बनाई।

अपनी मेहनत और देसी कंटेंट के दम पर, शादाब जकाती ने सोशल मीडिया दुनिया में खुद को 'सोशल मीडिया सेंसेशन' के रूप में स्थापित किया। उनकी सफलता फर्श से अर्श तक पहुंचने का एक अद्भुत उदाहरण है, जहां उन्होंने कंटेंट क्रिएशन को अपनी आजीविका का साधन बनाया और अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी किया।

विवादों की शुरुआत: छोटी बच्ची वाला वीडियो और गिरफ्तारी

मामला क्या था?

शादाब जकाती का पहला बड़ा विवाद उनके एक वायरल वीडियो से जुड़ा, जिसे 'बिस्किट वाला वीडियो' कहा जाता है। इस वीडियो में वह एक परचून की दुकान पर बैठे दुकानदार का किरदार निभाते हैं। एक छोटी बच्ची उनके पास सामान लेने आती है और कहती है कि पैसे उसकी मम्मी देंगी।

वीडियो का यही हिस्सा विवाद का कारण बना। शादाब पर आरोप था कि उन्होंने बच्ची और उसकी मां की सुंदरता पर अभद्र टिप्पणी की। विरोधियों का कहना था कि इस कंटेंट ने एक नाबालिग बच्ची का इस्तेमाल कर महिलाओं के प्रति अभद्र टिप्पणी को सामान्य बनाने का प्रयास किया।

शादाब जकाती पर कानूनी शिकंजा और जमानत:

जैसे ही ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हंगामा मच गया। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिला आयोग (NCPCR) और स्थानीय निवासियों ने इसकी कड़ी आलोचना की। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी इस मामले पर ध्यान दिया। शिकायतें मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस महानिदेशक तक पहुंच गईं।

विवाद बढ़ने परमेरठ पुलिस ने शादाब जकाती को शांतिभंग की धारा के तहत गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद, उन्होंने एसडीएम कोर्ट में माफीनामा और शपथ-पत्र देकर जमानत हासिल कर ली। शादाब ने बाद में मीडिया से कहा कि वीडियो में कोई अभद्र भाषा नहीं थी और उनकी मंशा केवल तारीफ करने की थी। उन्होंने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी भी मांगी।

इस घटना ने कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक लक्ष्मण रेखा खींच दी कि वायरल होने की होड़ में वे कानून और सामाजिक नैतिकता का उल्लंघन नहीं कर सकते।

शादाब जकाती का हालिया मामला: डॉक्टरों के समुदाय से टकराव

शादाब जकाती का नया विवाद:

शादाब जकाती अभी पहले विवाद के प्रभाव से उबरे भी नहीं थे कि उनका एक नया वीडियो सामने आया, जिसने इस बार चिकित्सा समुदाय को नाराज कर दिया। यह मामला हाल ही में सामने आया है और इसने नई बहस छेड़ दी है।

नए वीडियो में शादाब एक डॉक्टर के किरदार में नजर आते हैं। वीडियो के कुछ डायलॉग और कंटेंट पर डॉक्टरों ने कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इसने चिकित्सा पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और समाज में डॉक्टरों के प्रति गलत संदेश दिया जा रहा है।

वरिष्ठ चिकित्सकों ने इस वीडियो की निंदा की है और कार्रवाई की मांग की है। उनका तर्क है कि हास्य के नाम पर किसी भी गंभीर पेशे का मजाक बनाना या उसकी छवि को धूमिल करना अस्वीकार्य है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि शादाब के सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की समीक्षा की जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उन पर उचित कार्रवाई की जाए।

शादाब जकाती की फेम और जिम्मेदारी: ऑनलाइन कंटेंट की नैतिकता पर सवाल

शादाब जकाती के ये दोनों विवाद एक बड़े सवाल की ओर इशारा करते हैं: सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और कंटेंट क्रिएशन के अधिकार की सीमाएं क्या हैं?

सामाजिक जिम्मेदारी: एक इन्फ्लूएंसर, जिसके लाखों फॉलोअर्स हैं, उसकी जिम्मेदारी आम आदमी से कहीं अधिक होती है। उसके हर शब्द और कार्य का सीधा असर समाज के बड़े वर्ग, खासकर युवाओं पर पड़ता है। अश्लील कंटेंट या किसी समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले वीडियो बनाकर वायरल होना, एक गंभीर नैतिक चूक है।

कानूनी सीमाएं: बिस्किट वाले मामले में नाबालिग को शामिल करना और अभद्र टिप्पणी करना साफ तौर पर बाल अधिकारों और अश्लीलता से जुड़े कानूनों का उल्लंघन है। भले ही जमानत मिल गई हो, यह घटना कानून और सामाजिक व्यवस्था के प्रति सम्मान की जरूरत को दर्शाती है।

पेशेवर सम्मान: डॉक्टरों के मामले ने ये साबित किया कि कॉमेडी के नाम पर किसी भी पेशेवर समूह का मजाक बनाना एक नई तरह का विवाद खड़ा कर सकता है। हर पेशे की अपनी गरिमा होती है और उसे बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।

शादाब जकाती का करियर एक दोधारी तलवार की तरह है। एक ओर उनकी सफलता लाखों युवाओं को प्रेरित करती है कि कैसे साधारण पृष्ठभूमि का व्यक्ति भी डिजिटल माध्यम से पहचान बना सकता है, वहीं दूसरी ओर उनके विवाद याद दिलाते हैं कि डिजिटल दुनिया में स्वतंत्रता असीमित नहीं है। हर कंटेंट क्रिएटर को ये समझना होगा कि वायरल होने की दौड़ में वह अपनी सामाजिक, नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी को नजरअंदाज नहीं कर सकता।

शादाब जकाती के ये मामले अन्य सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए एक सबक हैं कि दर्शकों को हंसाना हमेशा जरुरी है, लेकिन किसी की भावनाओं, गरिमा या कानून की सीमा को पार करके नहीं। उन्हें अब अपने कंटेंट के चुनाव और उसकी प्रस्तुति में और भी सावधानी बरतनी होगी ताकि दोनों, उनकी बनाई हुई छवि और उनका करियर, सुरक्षित रहें।


Shadab Jakati Controversy – FAQs

1. शादाब जकाती कौन हैं और वे कैसे फेमस हुए?

Ans. शादाब जकाती मेरठ के रहने वाले एक देसी कॉमेडी कंटेंट क्रिएटर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टिकटॉक से की और बाद में इंस्टाग्राम रील्स व यूट्यूब शॉर्ट्स के जरिए फेमस हुए। उनका ‘10 रुपये का बिस्किट कितने का है जी’ वाला डायलॉग काफी वायरल हुआ था।

2. शादाब जकाती के खिलाफ पहला विवाद क्या था?

Ans. पहला विवाद उस वीडियो से जुड़ा था जिसमें एक नाबालिग बच्ची को दिखाया गया था। शादाब पर आरोप लगा कि उन्होंने बच्ची और उसकी मां को लेकर अभद्र टिप्पणी की। इस मामले में उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में माफी और शपथ-पत्र देकर उन्हें जमानत मिल गई।

3. डॉक्टरों वाला नया विवाद क्या है?

Ans. हालिया वीडियो में शादाब ने डॉक्टर का किरदार निभाया है, जिसके कुछ डायलॉग्स पर चिकित्सा समुदाय ने आपत्ति जताई। डॉक्टरों के मुताबिक वीडियो ने उनके पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाई और गलत संदेश दिया, जिस वजह से उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।

4. शादाब जकाती पर कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए गए?

Ans. पहले विवाद में शादाब को शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार किया गया था। मामले की शिकायतें NCPCR, सीएम ऑफिस और पुलिस अधिकारियों तक पहुंचीं। वीडियो हटाने और माफीनामा देने के बाद उन्हें जमानत मिली। दूसरे मामले में डॉक्टरों के समूह ने उनके अकाउंट्स की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

5. इन विवादों से कंटेंट क्रिएटर्स को क्या सीख मिलती है?

Ans. इन घटनाओं से स्पष्ट है कि वायरल होने की होड़ में नाबालिग, किसी समुदाय या किसी पेशे की गरिमा से जुड़े कॉन्टेंट को मज़ाक का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। एक इन्फ्लूएंसर के रूप में हर क्रिएटर की सामाजिक, नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी होती है, जिसे नजरअंदाज करने से विवाद और कानूनी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

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